pragmatic play

‘मालिक’ देखकर आए लड़के के 400 रुपये गए बर्बाद, फिल्म को लोगों ने बताया फ्लॉप

Maalik Maalik

राजकुमार राव की फिल्म ‘मालिक’, जो 11 जुलाई 2025 को रिलीज हुई, क्राइम‑थ्रिलर शैली में बनकर आई थी। लेकिन रिलीज के बाद ऑडियंस की प्रतिक्रिया बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस फिल्म को देखने वालों ने इसे फ्लॉप रिव्यु दिए।

लोगों ने मालिक को बताया फ्लॉप

पैपराजी पेज ताहिर जासूस पैपराजी के इंस्टाग्राम पेज पर भी ऐसे ही पब्लिक रिव्यू का वीडियो शेयर किया गया है जिसमें एक लड़का बताता हुआ नजर आ रहा है कि मालिक देखने के बाद उसके 400 रुपये बर्बाद हो गए हैं। कुछ इसी तरह का रिएक्शन एक दूसरे वीडियो में भी देखने को मिला जहां एक लड़की कहते हुए नजर आई कि राजकुमार राव के ऊपर एक्शन बिल्कुल भी सूट नहीं कर रहा है।

View this post on Instagram

A post shared by Tahir Jasus Reveiw (@tjreview11)

फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट

‘मालिक’ की कहानी 1980‑90 के दशक के इलाहाबाद (प्रयागराज) के बैकड्रॉप में सेट है। इस फिल्म में राजकुमार राव ने दीपक या ‘मालिक दादा’ की भूमिका निभाई है, जो किसान के बेटे से उठकर ताकतवर गैंगस्टर बनता है। फिल्म में मशहूर अभिनेता प्रोसेनजित चट्टोपाध्याय SP प्रभु दास की भूमिका में हैं, जबकि सौरभ शुक्ला मंत्री शंकर सिंह की भूमिका निभाते हैं। मणुषी छिल्लर दीपक की पत्नी शालिनी के रूप में नजर आईं, और अन्य भूमिकाओं में सौरभ सचदेव व स्वानंद किरकिरे शामिल हैं। निर्देशन पुलकित द्वारा किया गया है, जिन्होंने गंभीर और हिंसक सामग्री को गहराई से दिखाने की कोशिश की है।

मजबूत अभिनय लेकिन कमजोर कथा

कई लोगों का मानना है कि फिल्म में राजकुमार राव और मानुषी छिल्लर ने अभिनय तो अच्छा किया है लेकिन इसकी कहानी काफी कमजोर है। फिल्म की स्टोरीलाइन को लोगों ने काफी धीमा बताया है जिसकी वजह से फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई।

अभिनय की शक्ति खो गई कहानी में

फिल्म की सबसे बड़ी मजबूती राजकुमार राव का किरदार है, जिसमें उन्होंने एक साधारण इंसान से शक्तिशाली गैंगस्टर बनने की यात्रा को आत्मविश्वास और दृढ़ता से निभाया है। संक्षेप के तौर पर, ‘मालिक’ का आइडिया अच्छा था और शीर्ष कलाकारों के अभिनय में दम है, लेकिन कमजोर और पुरानी कहानी उस ऊर्जा को दबा देती है। दर्शकों की उम्मीदें राव के दमदार प्रदर्शन से अधिक थीं और फिल्म दर्शकों के लिए इंतजार पर खरा नहीं उतरी।

इस फिल्म को मिलते हैं 5 में से 1 स्टार

pragmatic play