Notice: Function amp_is_available was called incorrectly. `amp_is_available()` (or `amp_is_request()`, formerly `is_amp_endpoint()`) was called too early and so it will not work properly. WordPress is currently doing the `amp_init` hook. Calling this function before the `wp` action means it will not have access to `WP_Query` and the queried object to determine if it is an AMP response, thus neither the `amp_skip_post()` filter nor the AMP enabled toggle will be considered. It appears the plugin with slug `schema-and-structured-data-for-wp` is responsible; please contact the author. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.0.0.) in /var/www/wp-includes/functions.php on line 6078

Notice: Function amp_is_available was called incorrectly. `amp_is_available()` (or `amp_is_request()`, formerly `is_amp_endpoint()`) was called too early and so it will not work properly. WordPress is currently doing the `amp_init` hook. Calling this function before the `wp` action means it will not have access to `WP_Query` and the queried object to determine if it is an AMP response, thus neither the `amp_skip_post()` filter nor the AMP enabled toggle will be considered. It appears the plugin with slug `schema-and-structured-data-for-wp` is responsible; please contact the author. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.0.0.) in /var/www/wp-includes/functions.php on line 6078

Notice: Function amp_is_available was called incorrectly. `amp_is_available()` (or `amp_is_request()`, formerly `is_amp_endpoint()`) was called too early and so it will not work properly. WordPress is currently doing the `init` hook. Calling this function before the `wp` action means it will not have access to `WP_Query` and the queried object to determine if it is an AMP response, thus neither the `amp_skip_post()` filter nor the AMP enabled toggle will be considered. It appears the plugin with slug `schema-and-structured-data-for-wp` is responsible; please contact the author. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.0.0.) in /var/www/wp-includes/functions.php on line 6078

Notice: Function amp_is_available was called incorrectly. `amp_is_available()` (or `amp_is_request()`, formerly `is_amp_endpoint()`) was called too early and so it will not work properly. WordPress is currently doing the `init` hook. Calling this function before the `wp` action means it will not have access to `WP_Query` and the queried object to determine if it is an AMP response, thus neither the `amp_skip_post()` filter nor the AMP enabled toggle will be considered. It appears the plugin with slug `schema-and-structured-data-for-wp` is responsible; please contact the author. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.0.0.) in /var/www/wp-includes/functions.php on line 6078
नीदरलैंड में तनाव से जूझ रही एक महिला को मिली इच्छा मृत्यु की अनुमति, जानिए पूरा मामला - JASUS007

नीदरलैंड में तनाव से जूझ रही एक महिला को मिली इच्छा मृत्यु की अनुमति, जानिए पूरा मामला

नीदरलैंड में तनाव से जूझ रही एक 29 साल की महिला को इच्छा मृत्यु की अनुमति मिल गई है। महिला का नाम जोराया टेर बीक है, जो नीदरलैंड में जर्मनी के बॉर्डर के पास रहती हैं। इच्छा मृत्यु के लिए उसने साढ़े तीन साल तक नीदरलैंड के प्रशासन को मनाने की कोशिश की थी। द गार्जियन के मुताबिक उसे इसी महीने इच्छा मृत्यु दी सकती है। जोराया कई सालों से ऑटिज्म और असहनीय मानसिक परेशानियों से जूझ रही हैं। ऑटिज्म से जूझ रहा शख्स खुद को मारने और चोट पहुंचाता है। उसमें आत्महत्या के विचार आते रहते हैं। जोरायो को लगा कि उनकी समस्या का अब कोई हल नहीं है। इसके चलते उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की थी। हालाांकि, जोराया शारीरिक रूप से बिल्कुल फिट है। ऐसे में उनकी इच्छा मृत्यु को मिली मंजूरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोग तेजी से इच्छा मृत्यु को अपना रहे हैं।

जोराया ने द गार्जियन को बताया कि उसकी परेशानियां बचपन में ही शुरू हो गई थीं। उनको क्रॉनिक डिप्रेशन, एंग्जायटी, ट्रॉमा और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी समस्याएं होने लगी। इसके अलावा उन्हें ऑटिज्म की भी समस्या थी। इसमें वह खुद को ही चोट पहुंचाने लगी। कुछ साल बाद जब जोराया को एक पार्टनर मिला तो उन्हें लगा था कि सब ठीक हो जाएगा। उनकी मानसिक समस्याएं अब दूर हो जाएंगी, मगर कोई हल नहीं निकला। जोराया ने खुद को नुकसान पहुंचाना जारी रखा। जोराया ने अपनी बीमारियों से लड़ने के लिए इलेक्ट्रोकन्वलसिव थेरेपी (ECT) की 30 से ज्यादा थेरेपी ली। इसमें रोगी को बिजली के झटके दिए जाते हैं। मगर उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। जोराया ने गार्जियन से कहा, जब आप इलाज शुरू करते हैं तो एक उम्मीद रहती है कि सब ठीक हो जाएगा मगर समय के साथ-साथ वो उम्मीद भी खत्म होने लगी।

तो वहीं, जोराया ने कहा कि 10 सालों तक कई तरीकों से अपना इलाज कराने के बाद आखिरकार निराश होकर उसने स्वस्थ जीवन जीने की उम्मीद छोड़ दी। इसके बाद उसने इच्छा मृत्यु के लिए आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि इच्छा मृत्यु पाना इतना भी आसान नहीं है। ऐसा नहीं है कि आप शुक्रवार को मरने की सोचें और रविवार को आपको मौत मिल जाए। यह लंबी प्रोसेस होती है जिसमें आप कई डॉक्टरों से मिलते हैं। जो तय करते हैं कि आपकी इच्छा मृत्यु की मांग उचित है या नहीं। हर स्टेज पर डॉक्टर आपसे ये पूछते हैं कि क्या आप जान देने को तैयार हैं? हर और बार उसे इसके लिए हामी भरनी पड़ती।