बॉलीवुड इंडस्ट्री से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। सुपरस्टार सलमान खान के लंबे समय से साथ निभा रहे बॉडीगार्ड शेरा के पिता सुंदर सिंह जॉली का निधन हो गया है। वे 88 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। यह खबर सामने आते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है।
शेरा के पिता का हुआ निधन
शेरा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उनके पिता का अंतिम सफर शाम 4 बजे उनके निवास ‘1902, द पार्क लग्ज़री रेजीडेंस, ओशिवारा, अंधेरी वेस्ट, मुंबई’ से शुरू होगा। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद सलमान खान और उनके करीबी दोस्तों और सहयोगियों ने शेरा को सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कौन थे सुंदर सिंह जॉली?
सुंदर सिंह जॉली एक सादा और अनुशासित जीवन जीने वाले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपने बेटे शेरा को ईमानदारी, वफादारी और समर्पण के मूल्य सिखाए। यही गुण शेरा के व्यक्तित्व में साफ दिखाई देते हैं। शेरा, जिनका असली नाम गुरमीत सिंह है, आज बॉलीवुड में सिर्फ सलमान खान के बॉडीगार्ड नहीं बल्कि उनके सबसे विश्वस्त और करीबी लोगों में से एक माने जाते हैं।
शेरा की सलमान से बॉन्डिंग
शेरा करीब तीन दशकों से सलमान खान के साथ हैं। वे न केवल हर इवेंट, शूटिंग और विदेश यात्राओं में सलमान के साथ रहते हैं, बल्कि संकट के समय उनके सबसे पहले साथ खड़े होने वाले व्यक्ति भी हैं। यही वजह है कि सलमान उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हैं। शेरा और सलमान के बीच यह बॉन्ड सिर्फ एक प्रोफेशनल रिश्ता नहीं, बल्कि पारिवारिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
कैंसर से जंग और अंतिम विदाई
सुंदर सिंह जॉली ने अपने जीवन के अंतिम चरण में कैंसर से लड़ते हुए साहस का परिचय दिया। उन्होंने हिम्मत और धैर्य के साथ बीमारी का सामना किया, लेकिन अंततः जीवन की इस लंबी लड़ाई को हार गए। उनके अंतिम संस्कार में बॉलीवुड से जुड़ी कई हस्तियों के शामिल होने की संभावना है, जो शेरा और सलमान के करीबी माने जाते हैं।
बॉलीवुड में शोक की लहर
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर शेरा और उनके परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। कई बॉलीवुड सेलेब्स और सलमान खान के फैंस ने सुंदर सिंह जॉली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शेरा को मजबूत बने रहने की कामना की।
एक पिता, जिनकी सीख आज भी जीवित है
सुंदर सिंह जॉली भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे में जो मूल्य और संस्कार डाले, वे आज भी जीवित हैं। उनके जीवन की सादगी और अनुशासन, शेरा के कार्य और जीवनशैली में स्पष्ट रूप से नजर आता है।