कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से दिया इस्तीफा, जानिए पूरा मामला

 दिल्ली में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्‌ठी लिखी। उन्होंने 4 पेज की चिट्‌ठी में लिखा, दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के आधार पर बनी थी। इसके बावजूद पार्टी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, लवली का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। जल्द ही नए अध्यक्ष की घोषणा होगी। कांग्रेस ने बीते साल लवली को अध्यक्ष बनाया था। 

आपको बता दे, लवली के इस्तीफे के बाद ओखला से कांग्रेस के दो बार के विधायक रह चुके आसिफ मोहम्मद खान ने कहा, पार्टी में मतभेद हो सकते हैं। अगर लवली निराश थे, इस्तीफा देना चाहते थे तो वे चुपचाप मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप देते। जिस तरह के कारणों का जिक्र उन्होंने खड़गे को भेजी चिट्‌ठी में किया है, अगर उनकी मंशा खराब नहीं होती तो वे चुपचाप अपना इस्तीफा दे देते। एक तरह से उन्होंने जो पत्र खुले तौर पर मीडिया को जारी किया है, वह सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा पहुंचा रहा है। मैं इतना कह सकता हूं कि भाजपा एक-दो दिन में हर्ष मल्होत्रा की जगह लवली को पूर्वी दिल्ली से अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी। आसिफ मोहम्मद के इस बयान के बाद लवली समर्थकों ने मीडिया के सामने उनके साथ धक्का-मुक्की की। वहीं लवली ने कहा कि वे कांग्रेस में ही हैं, किसी और पार्टी में नहीं जा रहे।

वहीं, कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शिला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कहा, अरविंदर सिंह लवली की यह एक व्यक्तिगत पीड़ा है। उनकी पीड़ा है कि दिल्ली में हम अपनी पुरानी साख को लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस का अध्यक्ष बनना कांटों का ताज है। इसके बावजूद पिछले 6-8 महीने में उन्होंने मेहनत करके पार्टी खड़ी की। लवली के इस्तीफे पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा, कांग्रेस में सब ठीक-ठाक नहीं है। कांग्रेस में एक परिवार ही सब कुछ चलाना चाहता है, जिससे जमीनी नेता परेशान हैं। कल तक कांग्रेस जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी आज वे उन्हीं लोगों के साथ समझौता करके चुनाव लड़ रहे हैं। ये कैसे संभव है? लोगों को घुटन हो रही है इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं।

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