नेपाल में प्रचंड की सरकार संकट में, चीन समर्थक ओली ने 4 महीने में ही समर्थन वापस लिया, जानिए पूरा मामला

नेपाल में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड की सरकार खतरे में है। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, नेपाल की दूसरी सबसे बड़ी और चीन समर्थनक केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML ने प्रधानमंत्री प्रचंड की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। CPN-UML ने अब देश की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस से गठबंधन करने का फैसला किया है। 4 महीने पहले ही केपी शर्मा ओली ने प्रचंड की सरकार को समर्थन दिया था। तब प्रचंड ने शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस से गठबंधन तोड़ा था। अब ओली ने कहा कि सरकार के पास बहुमत नहीं है। बता दें कि शेर बहादुर देउबा को भारत समर्थक माना जाता है, वहीं ओली चीन के करीबी माने जाते हैं। देउबा और ओली के बीच रविवार को आधी रात में प्रधानमंत्री पद को लेकर बातचीत हुई है।

आपको बता दें, नेपाल में 20 नवंबर 2022 को आम चुनाव हुए थे। इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। 275 सीटों में से नेपाली कांग्रेस ने 89 जीती, CPN-UML ने 78 और प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ने 32 सीटें जीती थीं। तीन बड़ी पार्टियों में सबसे कम सीटें जीतने के बावजूद प्रचंड 25 दिसंबर, 2022 को गठबंधन के सहारे प्रधानमंत्री बने थे। उन्हें देउबा की नेपाली कांग्रेस का समर्थन मिला था। हालांकि, ये गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया, 15 महीने बाद ही मार्च 2024 में दोनों में फूट के बाद गठबंधन टूट गया। प्रचंड ने फिर केपी ओली का सहारा लेकर सरकार बनाई, जो अब खतरे में है। यानी नेपाल में पिछले 2 साल में तीसरी बार सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। काठमांडू पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि नई सरकार में डेढ़ साल तक केपी शर्मा ओली पीएम बनेंगे। इसके बाद बचे हुए कार्यकाल तक देउबा प्रधानमंत्री बनेंगे। इस पर आज मुहर लगने की संभावना है। प्रधानमंत्री प्रचंड ने राजनीतिक संकट से उभरने के लिए सोमवार को शाम 5 बजे अपने सहयोगियों की बैठक बुलाई थी, लेकिन बाद में इसे कैंसिल कर दिया गया। दहल अब अपनी सरकार बचाने के लिए सहयोगी पार्टी के ज्यादा लोगों को मंत्रिमंडल में बढ़ाने की बात कह रहे हैं। हालांकि, उनकी ये कोशिश फेल होती दिख रही है। देउबा और ओली के बीच संसद के बचे हुए कार्यकाल के लिए समझौता लगभग तय हो गया है। अगर केपी शर्मा ओली अगले प्रधानमंत्री बनते हैं तो नेपाल में पिछले 16 सालों में 14वीं बार सरकार बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *