अमेरिका में फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों का आंदोलन जारी, 1300 से ज्यादा छात्र गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

अमेरिका में पुलिस की सख्ती के बावजूद फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों का आंदोलन जारी है। अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अब तक 30 यूनिवर्सिटीज से 1300 से ज्यादा छात्र गिरफ्तार हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स में प्रदर्शन पुलिस ने खत्म करवाया। पुलिस ने कॉलेज कैंपस में प्रदर्शनकारियों के कई कैंप्स हटाए। कार्रवाई के दौरान कई बार पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने कॉलेज कैंपस से 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ्तार किया है। एक दिन पहले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स ने आदेश दिया है कि प्रदर्शनकारी छात्र या तो कैंपस छोड़ दें या गिरफ्तारी के लिए तैयार रहें। वहीं, कतर के मीडिया हाउस अलजजीरा के मुताबिक बुधवार देर रात UCLA के कैंपस में फिलिस्तीन समर्थक छात्रों का एक गुट इजराइल समर्थक छात्रों से भिड़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल समर्थक लोहे के रॉड और पेपर स्प्रे लेकर उस इलाके में आ गए जहां फिलिस्तीन समर्थक छात्र मौजूद थे। उन्होंने फिलिस्तीन समर्थक छात्रों पर हमला किया। एना नाम की एक छात्र ने दावा किया कि पुलिस चुपचाप खड़ी झड़प देखती रही। काफी समय तक कुछ नहीं किया गया। 

तो वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद 7 बार मिडिल ईस्ट का दौरा किया है। अपने 7वें दौरे के आखिरी दिन बुधवार को ब्लिंकन ने हमास से मांग की है कि वे सीजफायर डील को स्वीकार करें। तेल अवीव में इजराइली राष्ट्रपति हेर्जोग से मुलाकात के दौरान ब्लिंकन ने कहा, ‘हम जल्द से जल्द सीजफायर के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सभी इजराइली बंधक घर लौट सकें। हमास इसमें रुकावट पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमने प्रस्ताव दिया है, इसे स्वीकार करने का समय अभी है। साथ ही, अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इजराइल-हमास जंग रुकवाने को लेकर प्रस्तावित सीजफायर डील में शुरुआत में 33 इजराइली बंधकों को छोड़ने की मांग की है। इसके बदले में इजराइल अपनी जेलों में कैद फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। साथ ही, इजराइल गाजा में भी अपने हमलों को रोकेगा। हमास के प्रवक्ता ओसामा हमदान ने बुधवार रात लेबनान के टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में इस डील को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। हालांकि, बाद में हमास के प्रेस ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा कि इस डील को लेकर उनका रुख नकारात्मक है, वो फिर भी उस पर बातचीत करने को तैयार हैं।

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