भारत ने चीन का कॉन्ट्रैक्ट किया कैंसिल ! कोर्ट पहुंचा चीन !

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भारत और चीन के सबंध पहले अच्छे थे,लेकिन कुछ दिनों से भारत और चीन के बिच समय से घोर श्रम बढ़ गया हे,और भारत चीन में कई हमले हो चुके हे अभी तक जानने में आया हे के भारतीय रेलवे ने गल्वान घाटी में चीन के चीन के सैनको के साथ भारतीय सैनिक पर बहुत बड़े हमले के बाद कानपूर और मुगलसराय के बीच ईस्टर समर्पित बोझ गलियारा से सबंदित पर बॉयकॉटचाई के अधीन एक चीनी कंपनी के अनुबंध को रद्द कर दिया गया था,

China News: View: Erecting a firewall against China will only hurt ...

कानपुर धाय मुगलसराय विष्णु इस हैटो प्रोजेक्ट से 420 किलोमीटर के करीब हे,

कानपुरऔर मुगलसराय बिच में 420 किलोमीटर में सिग्नल और टेलीकम्यूनेक्टिन का काम बहुत धीमी गति से चल रहा हे इस वजह से रेलवे ने चीनी कंपनी का समझौता रद कर दिया हे,मालगाड़ी के आने जाने से वहाँ इंस्टैंड डेडक्टेड का काम रेलवे ने 2016 चीन की कम्पनिया बेइजिंग नेशनल रेल्वे रेचर्स और डिजाइन इण्डिस्टुड को सौपा था,

India Vs China: A comparison of economic growth | Economy News ...

कॉन्ट्राक करार लगभग 460 करोड़ का हुवा था,

और ये कॉन्ट्राक चीन के साथ लगभग 460 करोड़ का हुवा था,इस मामले के बारे में रेलवे का कहना हे की चीनी कम्पनियो का काम 2019 में ख़तम हो जायेगा लेकिन अभी तक 20% ही काम हुवा हे,ये बात को दयान में रख कर भारतीय रेल्वे ने सुब कॉन्ट्राक ना मंजुर कर दिए हे,

difference between India and China army, expenses, soldiers ...

अब आगे भारतीय रेल्वे ही अनुदान देंगी,

सुनने में आया हे की ये प्रोजेक्ट के लिए पैसे वर्ल्ड बैंक दे रही थी,इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार बता दे की वर्ल्ड बैंक अभी तक टेन्डर ना मंजूर करने के लिए नॉन ऑब्जेक्शन पत्र दिया नहीं हे,लेकिन भारतीय रेलवे ने भी कुछ नियन बना लिए हे की वो अब वर्ल्ड बैंक के जवाब का इंतजार नहीं करेंगे,और वो बाकी रहे प्रोजेक्ट का अनुदान करे गए,

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