भारतीय संगीत जगत के सबसे महान गायकों में गिने जाने वाले मोहम्मद रफ़ी को उनकी 45वीं पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि दी जा रही है। अपनी सुरीली आवाज़ और भावनात्मक गायकी के लिए पहचाने जाने वाले रफ़ी साहब की आवाज़ आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है। इस खास अवसर पर उनके बेटे शाहिद रफ़ी ने न केवल पिता की यादें साझा कीं, बल्कि उनकी बायोपिक को लेकर एक अहम खुलासा भी किया।
शाहिद रफ़ी ने बताया कि अब्बा की ज़िंदगी पर आधारित फिल्म की तैयारियां जोरों पर हैं। यह फिल्म केवल एक महान गायक की कहानी नहीं होगी, बल्कि एक ऐसे इंसान की झलक दिखाएगी, जिसने अपने सरल स्वभाव और विनम्रता से हर किसी का दिल जीत लिया।
‘अब्बा की कहानी को बिना फ़िल्टर दिखाया जाएगा’
शाहिद रफ़ी का साफ कहना है कि इस फिल्म में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होगी। उनके अनुसार, अक्सर बायोपिक में ड्रामा और कल्पना का सहारा लिया जाता है, लेकिन वो चाहते हैं कि इस फिल्म में रफ़ी साहब की ज़िंदगी को ईमानदारी से पेश किया जाए। उनके अनुसार, “हम कोई सच छुपाना नहीं चाहते, न ही कुछ जोड़ना चाहते हैं। जो जैसा था, वैसा ही दिखाया जाएगा।”
उमेश शुक्ला के निर्देशन में बनेगी फिल्म
फिल्म के निर्देशन की ज़िम्मेदारी अनुभवी डायरेक्टर उमेश शुक्ला को सौंपी गई है, जिन्हें ‘ओह माय गॉड’ और ‘102 नॉट आउट’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। शाहिद का मानना है कि उमेश शुक्ला की थिएटर से आई पृष्ठभूमि उन्हें किरदारों को गहराई से समझने और परदे पर जीवंत करने में सक्षम बनाती है।
शाहिद रफ़ी खुद भी इस फिल्म के निर्माण में निर्माता के रूप में शामिल हैं, ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके पिता की कहानी को सच्चे भावों के साथ पेश किया जाए।
आयुष्मान खुराना हो सकते हैं रफ़ी साहब के किरदार में
जहां दर्शकों में यह जानने की उत्सुकता है कि मोहम्मद रफ़ी का किरदार कौन निभाएगा, वहीं फिल्म के निर्माताओं ने अभी तक नाम की घोषणा नहीं की है। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों के अनुसार आयुष्मान खुराना इस भूमिका के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। शाहिद ने बताया कि कुछ कलाकारों से बातचीत चल रही है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है।
2026 में आ सकती है फिल्म
इस भावनात्मक और प्रेरणादायक फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो चुकी है और अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला तो नवंबर या दिसंबर 2025 तक इसकी शूटिंग शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
‘अगर अगला जन्म हुआ, तो फिर से उनका बेटा बनना चाहूंगा’
पिता की याद में भावुक होते हुए शाहिद रफ़ी ने कहा, “अब्बा बहुत ही शांत और सौम्य इंसान थे। मैंने उन्हें कभी ऊंची आवाज़ में बोलते नहीं देखा। वो सिर्फ एक गायक नहीं, इंसानियत की मिसाल थे। मैं दिल से दुआ करता हूं कि अगर अगला जन्म हुआ, तो फिर से उनका बेटा बनूं।”