नई दिल्ली : देश में सट्टेबाजी में लोकप्रिय और जाने माने जाने वाले रतन खत्री का रविवार को निधन हो गया है। खबर मिली हे के वे मुंबई में अपने घर नवजीवन सॉसियति में होने की वजहसे आखरी सास ली !
पाकिस्तान से आये थे रतन खत्री !

एक सिंधी परिवार में पैदा हुवे ! जो कराची से मुंबई में आकर बस गया ! वे 1947 में कराची से मुंबई आये थे तब वे एक किशोर थे !
वो इतने लोकप्रिय कैसे हुवे ?

उन्होंने मटका खेलो को बड़े दरज्जा पे सुरु किया 1962 में उन्होंने सबसे बड़ा मटके का जुगाड़ खिलाया ! उसके बाद कही सालो तक ये खेल रहा और पुरे भारत में एक नेटवर्क खड़ा कर दिया गया ! और वे मशहूर हो गए ! ये खेल मुख्यत्वे पेहे न्योर्क जैसे देसो में खेला जाता था लेकिन ये भारत में भी मशहूर होने लगा !
खत्री कैसे बना मटका किंग कैसे फैलाया अपना साम्रज्य !
उन्होंने मशहूर सटेबाजारी कल्याण भगत के सात काम सुरु किया ! फिर उनको उनकी काबिलियत देख कर उन्हें एक अलग मुंबई का साम्रज्य दिया गया !
पुलिस ने पकड़ने के बाद धंधा छोड़ दिया !
साल 1995 में पुलिस के पकड़ ने के बाद उसने अवैध कारोबार छोड़ दिया। 2001 में उन्हें एक लखवा बीमारी हो गयी जिसके वजहसे उन्हें इस से हाथ धोना पड़ा !
बॉलीवुड के साथ था कनेक्शन !

डिरेक्टर Ramchanchandra Bhikubhai साथ रतन के साथ संबंध था। न सिर्फ उन्होंने फिल्म को फाइनेंस किया बल्कि इसमें अभिनय भी किया। वास्तव में 1975 की फिल्म धर्मात्मा में अभिनेता प्रेम नाथ का चरित्र खत्री के वास्तविक जीवन से प्रेरित था, और कहा जाता है कि उन्होंने फिल्म की पटकथा और संवादों में मदद की थी।