Huma Qureshi: ‘मुझे प्रीति नहीं, कबीर सिंह बनना है’, हुमा कुरैशी ने बताया कैसे किरदार निभाना चाहती हैं

Huma Qureshi On Kabir Singh Huma Qureshi On Kabir Singh

Huma Qureshi On Kabir Singh: बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने पसंदीदा किरदारों को लेकर ऐसी बात कही, जिसने सबका ध्यान खींचा। हुमा ने साफ शब्दों में कहा कि वह फिल्म ‘कबीर सिंह’ के मुख्य किरदार कबीर सिंह को निभाना चाहेंगी, न कि प्रीति को। उनके इस बयान से यह साफ होता है कि वह ऐसे किरदार निभाने में दिलचस्पी रखती हैं, जो परंपरागत सोच से अलग हों और जिनके व्यक्तित्व में कई परतें हों।

हुमा कुरैशी ने यह बात इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) 2026 के दौरान कही। यहां दर्शकों के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि एक कलाकार को किस तरह की भूमिकाएं चुनने की आजादी खुद देनी चाहिए। उनके मुताबिक, कलाकारों को ऐसे किरदार निभाने से पीछे नहीं हटना चाहिए, जो असामान्य हों या जिनके फैसलों और व्यवहार पर सवाल उठते हों।

‘खुद को ऐसे किरदार निभाने की आजादी दें’

हुमा ने अपने विचार रखते हुए कहा, “आजादी ऐसी चीज क्यों है, जिसे दूसरे लोगों को आपको देने की जरूरत है? मुझे लगता है कि आपको खुद को ऐसे किरदार निभाने की आजादी देनी चाहिए, जो चौंकाने वाले हों, नैतिक रूप से उलझे हुए हों और आम मान्यताओं का पालन नहीं करते।”

उनकी इस बात का मतलब है कि कलाकारों को केवल अच्छे, आदर्श या दर्शकों को पसंद आने वाले किरदारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कई बार ऐसे किरदार भी कहानी को खास बनाते हैं, जिनकी सोच और हरकतों से दर्शक सहमत नहीं होते। हुमा के अनुसार, कलाकार को अपने दायरे से बाहर निकलकर अलग तरह की भूमिकाएं निभाने का साहस रखना चाहिए।

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के दिनों को किया याद

इस बातचीत के दौरान हुमा ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब निर्देशक अनुराग कश्यप ने उन्हें फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के लिए चुन लिया था, तब भी उन्होंने उनसे कहा था, “सर, अभी तो और स्ट्रगल करना है।”

हुमा ने स्वीकार किया कि उस समय वह काफी नासमझ थीं और उन्हें यह समझ नहीं थी कि फिल्म निर्देशकों और कास्टिंग डायरेक्टरों से बातचीत करते समय किस तरह पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सामान्य छात्रा की तरह उनसे बात कर लेती थीं और उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि फिल्म इंडस्ट्री में बातचीत का तरीका अलग हो सकता है।

अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं करना चाहती हैं हुमा

हुमा कुरैशी का बयान उनके अभिनय को लेकर नजरिए को भी सामने लाता है। वह ऐसे किरदारों में दिलचस्पी रखती हैं, जो केवल सही और गलत के सीधे खांचों में फिट नहीं होते। ऐसे किरदारों में इंसानी कमजोरियां, विरोधाभास और मुश्किल फैसले देखने को मिलते हैं।

‘कबीर सिंह’ और ‘प्रीति’ का उदाहरण देते हुए हुमा ने बताया कि वह कहानी में सिर्फ पारंपरिक भूमिका निभाने के बजाय ऐसे किरदार को चुनना चाहेंगी, जिसके व्यक्तित्व और व्यवहार को समझने की चुनौती हो।

उनकी बात का मुख्य संदेश यही है कि कलाकारों को अपनी पसंद और क्षमता पर भरोसा करना चाहिए। किसी किरदार का असामान्य या नैतिक रूप से विवादास्पद होना उसे निभाने से पीछे हटने की वजह नहीं बनना चाहिए। हुमा के मुताबिक, कलाकार को खुद तय करना चाहिए कि वह अपनी कला के जरिए किस तरह की भूमिकाओं को पर्दे पर उतारना चाहता है।