Nana Patekar Death: नाना पाटेकर की मौत के बाद चिन्मयी श्रीपदा का पलटवार, बोलीं- ‘यौन शोषण एक बार की घटना नहीं थी’

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Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद जहां फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं उनके पुराने विवादों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने नाना पाटेकर की तारीफ करने वाले लोगों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर से जुड़े यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को भी स्वीकार किया जाना चाहिए। चिन्मयी ने अभिनेत्री और गायिका सोना मोहपात्रा की पोस्ट को साझा करते हुए यह टिप्पणी की।

चिन्मयी ने एक्स पर लिखा कि जो लोग लगातार नाना पाटेकर की तारीफ कर रहे हैं, उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि उन पर यौन शोषण के आरोप लगे थे और यह कथित व्यवहार केवल एक बार की घटना नहीं था। हालांकि, चिन्मयी के बयान में लगाए गए आरोपों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि नहीं है और नाना पाटेकर अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते रहे थे।

सोना मोहपात्रा की पोस्ट को चिन्मयी ने किया साझा

चिन्मयी श्रीपदा ने सोना मोहपात्रा की उस पोस्ट को दोबारा साझा किया, जिसमें एक सहायक निर्देशक की टिप्पणी के स्क्रीनशॉट शामिल थे। इस सहायक निर्देशक ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्होंने शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर की मौजूदगी वाले सेट पर यौन दुर्व्यवहार की एक घटना को देखा था।

सहायक निर्देशक की ओर से किए गए दावे में यह भी स्पष्ट किया गया था कि कथित घटना ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग से जुड़ी नहीं थी। उनके मुताबिक, यह कथित तौर पर दो अन्य फिल्मों की शूटिंग के दौरान हुई थी।

इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चिन्मयी ने लिखा कि नाना पाटेकर की लगातार तारीफ करने वाले लोगों को यह स्वीकार करना चाहिए कि उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगे थे और यह कथित व्यवहार एक बार तक सीमित नहीं था।

सोना मोहपात्रा ने भी उठाए सवाल

सोना मोहपात्रा ने सहायक निर्देशक की कथित गवाही साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को बार-बार क्यों खारिज कर दिया जाता है, जबकि कुछ लोग खुद ऐसी घटनाओं को देखने का दावा करते हैं।

सोना ने सवाल किया कि अगर एक महिला की बात पर भरोसा नहीं किया जाता तो आखिर कितने गवाह होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिभा को उसके चरित्र की निर्दोषता का प्रमाण नहीं माना जा सकता और किसी व्यक्ति की मृत्यु उसे संत नहीं बना देती।

सोना की इस पोस्ट के बाद चिन्मयी ने भी उनका समर्थन किया। दोनों गायिकाएं पहले भी मीटू आंदोलन और महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं।

सहायक निर्देशक ने क्या दावा किया?

सोना मोहपात्रा द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट में सहायक निर्देशक ने कथित तौर पर दावा किया कि एक घटना को अभिनय या किसी दृश्य की शूटिंग का हिस्सा बताकर छिपा दिया गया था।

उनके अनुसार, उस समय कोई कुछ नहीं कह सका क्योंकि कथित घटना को अभिनय के एक दृश्य की आड़ में अंजाम दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई साल बाद उनसे सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सीआईएनटीएए से जुड़े एक सदस्य ने इस बारे में पूछा था और उन्होंने कथित तौर पर घटना होने की पुष्टि की थी।

सहायक निर्देशक के कथित बयान में यह भी कहा गया कि मनोरंजन उद्योग में यौन दुर्व्यवहार को कई बार छिपा दिया जाता है। हालांकि, यह पूरा विवरण उस व्यक्ति के कथित बयान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

नाना पाटेकर की मौत 8 अक्टूबर को हुई

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में हुआ था। वह 75 वर्ष के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसी बीच तनुश्री दत्ता की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आ गई।

तनुश्री दत्ता ने नाना की मौत पर क्या कहा था?

नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह उस समय लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम के सिलसिले में व्यस्त थीं। उन्होंने कहा था कि उनका पूरा दिन पहले से तय था और वह लाइव आकर कई चीजों पर बात करना चाहती थीं।

तनुश्री ने कहा था कि उन्हें डर है कि शाम तक मीडिया का पूरा ध्यान ‘ईविल डेड’ वाली उनकी प्रतिक्रिया पर चला जाएगा। उन्होंने कहा कि वह यह तय करने के बाद प्रतिक्रिया देंगी कि उन्हें किस तरह की प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने नाना के परिवार के प्रति संवेदना जताई, लेकिन वीडियो उनके वाक्य को पूरा किए बिना समाप्त हो गया।

इस बयान के बाद तनुश्री को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बाद सोना मोहपात्रा और चिन्मयी श्रीपदा ने तनुश्री के समर्थन में अपनी बात रखी।

2018 में सामने आया था तनुश्री और नाना का विवाद

तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि यह मामला 2008 का था, लेकिन इसे व्यापक राष्ट्रीय चर्चा 2018 में मिली, जब भारत में मीटू आंदोलन जोर पकड़ रहा था।

तनुश्री ने आरोप लगाया था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। उनके आरोपों के बाद बॉलीवुड में काफी बहस हुई और कई लोगों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई।

नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों से इनकार किया था। इस मामले में पुलिस में शिकायत और बाद में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

पुलिस ने 2019 में केस बंद कर दिया था

रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने का हवाला देते हुए मामले को बंद कर दिया था। इसके बाद यह विवाद कानूनी स्तर पर भी आगे बढ़ा।

2025 में मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत ने नाना पाटेकर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को खारिज कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने शिकायत दाखिल किए जाने में कानूनी रूप से निर्धारित समय-सीमा से अधिक देरी होने को भी अपने फैसले के आधारों में शामिल किया था।

इस कानूनी पृष्ठभूमि के कारण नाना पाटेकर से जुड़े पुराने आरोपों को रिपोर्ट करते समय आरोपों, पुलिस की कार्रवाई और अदालत के फैसले के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। नाना पाटेकर पर लगाए गए आरोप अदालत द्वारा साबित किए गए तथ्य के तौर पर पेश नहीं किए जा सकते।

मौत के बाद फिर चर्चा में आया पुराना मामला

नाना पाटेकर की मौत के बाद एक तरफ जहां उनके फिल्मी करियर, अभिनय और सामाजिक योगदान को याद किया जा रहा है, वहीं उनके खिलाफ लगे पुराने आरोप भी सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। चिन्मयी श्रीपदा और सोना मोहपात्रा ने इसी संदर्भ में सवाल उठाए हैं।

चिन्मयी का कहना है कि किसी कलाकार की उपलब्धियों और लोकप्रियता के साथ उसके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की चर्चा को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाना चाहिए। वहीं सोना मोहपात्रा ने कथित प्रत्यक्षदर्शी के बयान का हवाला देते हुए यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लेने की बात कही है।

फिलहाल इस पूरे विवाद में एक तरफ नाना पाटेकर के खिलाफ लगाए गए पुराने आरोप हैं, जिनसे वह इनकार कर चुके थे, दूसरी तरफ पुलिस की 2019 की कार्रवाई और 2025 में अदालत का फैसला है। ऐसे में चिन्मयी श्रीपदा और सोना मोहपात्रा की हालिया टिप्पणियां इस पुराने मामले को एक बार फिर सार्वजनिक बहस में ले आई हैं।