JASUS 007 विशेष:110 खभों पर खड़ी चंबल की ये ईमारत हे,देखने जाये तो 144 खंबो पर खड़ा हुवा देश का लोकतंत्र मंदिर हे !

ऐतिहासिक मंदिरों में से एक मंदिर मध्य प्रदेश का हे सूत्रों के मुताबिक पता चलता हे की 9वी में इस मदिर को ड्रॉइंग किया गया था,ये मंदिर सब मंदिरो से काफी अलग हे,मुरैना ये मंदिर की कहानिया काफी प्रसिद्ध हे 300 फीट जमीन से उची इस ईमारत ब्लू और लाल पत्थरो से बनाई गई हे
गोलाकार वाले इस मंदिर की 110 खभों पर खड़े इस मंदिर में टोटल 64 के आस-पास केमेरे लगे हुवे हे,और देखने जाये तो वह पर सभी रूममे में कैमरे लगे हुवे हे और शिवलिंग और योगिनी की स्थापना हुई हे,गोलाकार वाले इस मदिर की कुछ बात ही अलग हे,इस मंदिर के बहार का हिस्सा बहुत खूबसुरत हे,देखने जाये तो ये मंदिर में आज बी शिवलिंग नजर आते हे,लेकिन योगिनियो को म्यजियम में रखा गया हे !

इस मंदिर की एक खास बात ये हे की इस मंदिर में तांत्रिक लोग उनकी विधि करने के लिए आते हे ऐसा लोगो का कहना हे,दूसरी तरफ देखने जाये तो मंदिर की हर दिवालो पर प्राचीन शैली की कला देखने मिलेगी,और ये दिवालो पर बनाई गई नक्काशी बहुत अछि हे,सूत्रों के मुताबिक पता चला हे की ये मंदिर ब्रिटिश के एक आर्टीटेक लुट्यन्स को बहुत पसंद आया था
इस मंदिर की दिवालो पर काले जादू के निसान मिलते हे मुरैना मंदिर के कुछ अपने आप रहस्य हे,हर किसी को आज नहीं तंत्र मंत्र से जुडी कुछ बाटे हैरान करती हे,यह मदिर की एक और खास बात हे यहाँ एक रूम को छोड़ कर बाकि दूसरे रूम में पूजा नहीं होती,मंदिर के बिच में बने पार्वती विराजमान भगवान शिव की रूम आज भी लोग पूजा करते हे,पुरे मंदिर में सिर्फ एक ऐसा रूम हे जहा आज भी शिव के भक्त माथा टेकते हे और घंटी बजाते हे और मन्नते मांगते हे !
इस मंदिर की कुदरत की खूबसूरती के साथ बानी इस ईमारत लोगो को अपनी और खिचती हे,इतहासिक सूत्रों के मुताबिक पता चला हे की ये मंदिर करीब 1200 पहले उसकी स्थपना की गई थी,इस मंदिर के हर कमरे में शिवलिंग स्थापित किया गया था,इस मंदिर को चौसठ योगिनियो कहा जाता हे अब ये मंदिर खंडर बन चुकी हे और योगिनियो को मुजियम में रखा गया हे !

एक तरफ मंदिर,दूसरी तरफ संसद,
9वी सदी का बना हुवा ये मुरैना मदिर हे,1926 की साल में देश की सांसद बनी थी,इस मंदिर को प्रतिहार राजाओ ने बनवाया था,जिस जमीं पर ये मंदिर बनी हे ये जगह बहुत बड़ी हे,उसके बाद इस सांसद को सर एडविन लुटियन्स ने बनवाया !