Umar Khalid Documentary Screening: उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर CBFC ने जताई आपत्ति, जानें क्या है पूरा मामला

Umar Khalid Umar Khalid

Umar Khalid: उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ को लेकर नया विवाद सामने आया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC ने हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में इस डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग पर आपत्ति जताई है। CBFC का कहना है कि बिना प्रमाणित फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग के लिए संबंधित कानून के तहत विशेष छूट जरूरी है।

क्या कहा CBFC ने?

CBFC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि ऐसी डॉक्यूमेंट्री जिसे बोर्ड से प्रमाणन नहीं मिला है, उसे सार्वजनिक तौर पर दिखाना चलचित्र अधिनियमके तहत उल्लंघन हो सकता है, जब तक कि उसके लिए कानून के तहत विशेष छूट हासिल न की गई हो। बोर्ड ने अपने पोस्ट में IIIT-Hyderabad को भी टैग करते हुए मामले पर जरूरी कार्रवाई के लिए ध्यान देने को कहा।

केआरबी ओडिटोरियम में होनी थी स्क्रीनिंग

ललित वाचानी के निर्देशन में बनी ‘Prisoner No. 626710 is Present’ को छात्रों के एक समूह की ओर से IIIT-Hyderabad के KRB Auditorium में 18 सितंबर की रात 8 बजे दिखाने की योजना थी। रिपोर्टों के मुताबिक, CBFC की आपत्ति के बाद छात्रों ने स्क्रीनिंग रद्द करने का फैसला किया। बाद में IIIT-Hyderabad ने भी साफ किया कि संस्थान या उसके मान्यता प्राप्त छात्र संगठनों की ओर से इस तरह की स्क्रीनिंग आयोजित नहीं की गई थी।

IIIT-Hyderabad ने क्या कहा?

संस्थान ने कहा कि उसके किसी आधिकारिक छात्र क्लब, सेल या मान्यता प्राप्त संगठन ने CBFC से प्रमाणित नहीं हुई किसी फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित या होस्ट नहीं की है। संस्थान के मुताबिक, छात्र और शिक्षक व्यक्तिगत क्षमता में किसी से मिल सकते हैं, लेकिन ऐसी व्यक्तिगत गतिविधियों को संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम नहीं माना जाना चाहिए।

किस पर बनी है डॉक्यूमेंट्री?

‘Prisoner No. 626710 is Present’ फिल्ममेकर ललित वाचानी की डॉक्यूमेंट्री है, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व रिसर्च स्कॉलर उमर खालिद के मामले पर केंद्रित है। खालिद को सितंबर 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ UAPA समेत कई धाराओं के तहत आरोप हैं और वह गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं।

NLSIU में भी टली थी स्क्रीनिंग

इससे कुछ दिन पहले बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में भी इसी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग टाल दी गई थी। वहां छात्र संगठन Law and Society Committee की ओर से 14 सितंबर को स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसके खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से आपत्ति जताई गई थी। आयोजकों ने बाद में स्क्रीनिंग को ‘लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी कारणों’ का हवाला देते हुए स्थगित किया था और कहा था कि इसे बाद में आयोजित किया जाएगा।

इस तरह एक ही डॉक्यूमेंट्री की अलग-अलग संस्थानों में प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर मामला चर्चा में आ गया है। फिलहाल IIIT-Hyderabad में प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द हो चुकी है और CBFC की ओर से बिना प्रमाणन वाली फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया है।