Anupam Kher: अनुपम खेर ने किया दलेर मेहंदी का बचाव, बोले- सार्वजनिक मंच पर इस तरह अपमानित करना गलत

Anupam Kher On Daler Mehendi Controversy Anupam Kher On Daler Mehendi Controversy

Anupam Kher On Daler Mehendi Controversy: बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने पंजाबी गायक दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। मामला टिहरी गढ़वाल में आयोजित मां कुंजापुरी मेले का है, जहां दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान मंत्री मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की। मंत्री ने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी शराब पीकर कार्यक्रम में आए थे और ठीक से गा नहीं पा रहे थे। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गायक लाइव गा रहे थे या पहले से रिकॉर्ड किए गए गाने पर प्रस्तुति दे रहे थे।

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह, कॉमेडियन कपिल शर्मा और गायक बादशाह समेत मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों ने उनके समर्थन में प्रतिक्रिया दी। अब अनुपम खेर ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि किसी कलाकार के प्रदर्शन को लेकर शिकायत हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर उसे इस तरह टोकना और अपमानित करना उचित नहीं है।

अनुपम खेर बोले- दलेर मेहंदी को लंबे समय से जानता हूं

अनुपम खेर ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम खाते पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल विदेश में हैं, लेकिन उन्होंने दलेर मेहंदी के कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो देखा है। अभिनेता ने कहा कि वह गायक को पिछले 25 से 30 साल से जानते हैं और उनके स्वभाव के बारे में भी अच्छी तरह से जानते हैं।

अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक गायक शराब नहीं पीते और वह जिन अच्छे इंसानों को जानते हैं, उनमें से एक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी पिछले दो से तीन वर्षों से अस्वस्थ चल रहे हैं। अनुपम के मुताबिक, उन्हें इस बारे में जानकारी एक ऐसे डॉक्टर से मिली है, जो उन दोनों को जानते हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि दलेर मेहंदी ने आयोजकों को पहले ही कार्यक्रम में आने का वादा कर दिया हो और अपनी तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद उस प्रतिबद्धता को निभाने पहुंचे हों।

अभिनेता ने दलेर मेहंदी के पेशेवर रवैये का जिक्र करते हुए कहा कि कलाकार के लिए अपनी प्रतिबद्धता निभाना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, उन्होंने यह बात गायक के बारे में अपनी जानकारी और समझ के आधार पर कही। दलेर मेहंदी की सेहत और कार्यक्रम के दौरान उनकी स्थिति को लेकर मंत्री के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

‘लिप-सिंक किया भी हो, तो सार्वजनिक मंच पर अपमान करना सही नहीं’

अनुपम खेर ने अपने बयान में यह भी कहा कि मान लिया जाए कि दलेर मेहंदी ने कार्यक्रम में पहले से रिकॉर्ड किए गए गाने पर प्रस्तुति दी थी, तब भी उनसे सार्वजनिक मंच पर इस तरह बात करना उचित नहीं था। उनके मुताबिक, यदि मंत्री को गायक के प्रदर्शन से कोई शिकायत थी, तो वह उनसे अलग बैठकर सम्मानपूर्वक बात कर सकते थे।

अनुपम ने कहा कि किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने से पहले स्थिति को समझना जरूरी है। उन्होंने मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकारों से भी इस मामले पर अपनी बात रखने की अपील की। अभिनेता का मानना है कि दलेर मेहंदी का बचाव करना केवल उनके भाई मीका सिंह की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने गायक के साथ काम किया है या उन्हें लंबे समय से जानते हैं, उन्हें भी अपनी राय रखनी चाहिए।

अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें गायक के फैसलों, पेशेवर क्षमता और व्यक्तित्व पर भरोसा है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए दलेर मेहंदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

मंत्री सुबोध उनियाल को अनुपम खेर की सलाह

अनुपम खेर ने अपने वीडियो के साथ लिखे संदेश में उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्री को दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पसंद नहीं आई हो सकती है और उन्हें नाराजगी जताने का भी अधिकार है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अपनी शिकायत जाहिर करने के लिए मंच पर जाकर कलाकार को सबके सामने टोकना जरूरी था?

अभिनेता ने कहा कि ऐसी बातों को अलग बैठकर और सम्मान के साथ भी कहा जा सकता था। उन्होंने दलेर मेहंदी के संगीत करियर का जिक्र करते हुए कहा कि एक कलाकार वर्षों की मेहनत से पहचान और सम्मान हासिल करता है। दलेर मेहंदी ने पिछले लगभग 35 वर्षों में अपने गानों से लोगों का मनोरंजन किया है और उनके योगदान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

अनुपम के इस बयान का मुख्य जोर कलाकार के सम्मान और किसी विवाद को सुलझाने के तरीके पर रहा। उन्होंने मंत्री के आरोपों को सही या गलत साबित करने के बजाय यह सवाल उठाया कि किसी शिकायत को सार्वजनिक रूप से रखने का तरीका कैसा होना चाहिए।

मां कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?

दलेर मेहंदी उत्तराखंड में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे थे। यह कार्यक्रम नवरात्रि समारोह का हिस्सा था। इसी दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई।

मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी शराब पीकर कार्यक्रम में आए थे और उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं था। उन्होंने यह भी सवाल किया कि गायक ठीक से गा नहीं पा रहे थे, तो उन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने की जिम्मेदारी क्यों स्वीकार की। इसके अलावा, मंत्री ने लाइव गायन और पहले से रिकॉर्ड किए गए गाने पर प्रस्तुति देने को लेकर भी सवाल उठाए।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों के बीच इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने कलाकार के सम्मान को लेकर सवाल उठाए, जबकि मंत्री की ओर से कार्यक्रम की गुणवत्ता और भुगतान के संबंध में भी सफाई दी गई।

मंत्री ने 35 लाख रुपये भुगतान का किया दावा

घटना के बाद मीडिया से बातचीत में सुबोध उनियाल ने दावा किया कि दलेर मेहंदी को कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे। मंत्री के अनुसार, गायक के आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी असहज या असमंजस की स्थिति में दिखाई दे रहे थे और वह अपनी कला के साथ न्याय नहीं कर पा रहे थे।

यह मंत्री की ओर से पेश किया गया पक्ष है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर भुगतान, प्रस्तुति की वास्तविक परिस्थितियों और शराब पीने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए इन दावों को स्थापित तथ्य के बजाय संबंधित पक्ष के आरोप के रूप में देखना जरूरी है।

मीका सिंह, कपिल शर्मा और बादशाह भी कर चुके हैं समर्थन

विवाद सामने आने के बाद दलेर मेहंदी को मनोरंजन जगत के कई लोगों का समर्थन मिला। उनके भाई मीका सिंह ने भी उनके पक्ष में आवाज उठाई। कॉमेडियन कपिल शर्मा और गायक बादशाह के समर्थन की भी चर्चा हुई। अब अनुपम खेर के बयान के बाद यह विवाद कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक आयोजनों में उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर एक बार फिर चर्चा में है।

अनुपम खेर के मुताबिक, किसी कलाकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाना और उसके काम की आलोचना करना अलग बात है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अलग। उनका कहना है कि शिकायत को सम्मानपूर्वक भी रखा जा सकता है।

फिलहाल इस विवाद में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर मंत्री के आरोप और अनुपम खेर का बचाव, दोनों पक्ष सामने हैं। आने वाले समय में संबंधित पक्षों की ओर से कोई नया बयान आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी। हालांकि, इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों के प्रदर्शन को लेकर असहमति होने पर शिकायत दर्ज कराने का उचित तरीका क्या होना चाहिए।