Nana Patekar: नाना पाटेकर की मौत से एक हफ्ते पहले आया था फोन, लेकिन हेमा मालिनी ने कर दिया मिस, बोलीं- आज खबर सुनकर मैं सदमे में हूं

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Nana Patekar Death News: नाना पाटेकर के निधन की खबर ने हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके जाने के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें याद कर रहे हैं और उनके साथ बिताए पलों को साझा कर रहे हैं। इसी बीच दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर से जुड़ी एक ऐसी बात बताई है, जिसका उन्हें अब अफसोस हो रहा है। हेमा मालिनी के मुताबिक, नाना पाटेकर ने निधन से करीब एक सप्ताह पहले उन्हें फोन किया था, लेकिन उस समय वह यात्रा कर रही थीं और उनका फोन मिस हो गया। नाना के अचानक निधन की खबर सुनकर वह बेहद हैरान रह गईं।

हेमा मालिनी और नाना पाटेकर ने कभी किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया था, लेकिन दोनों के बीच संपर्क बना हुआ था। नाना के साथ अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए हेमा मालिनी ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले उन्हें फोन किया था और उनसे बात भी हुई थी। करीब एक सप्ताह पहले भी उनका एक फोन आया था, लेकिन यात्रा में होने की वजह से वह उसे उठा नहीं पाईं।

हेमा मालिनी ने कहा कि जब उन्हें नाना पाटेकर के निधन की खबर मिली तो वह स्तब्ध रह गईं। उनके मुताबिक हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे महान अभिनेता को खो दिया, जो खुद अभिनय की एक संस्था थे।

‘अभिनय की पूरी संस्था थे नाना पाटेकर’

हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर की अभिनय प्रतिभा को याद करते हुए उन्हें असाधारण कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि नाना ने अपने अभिनय के अलग अंदाज से इंडस्ट्री में अपनी एक खास जगह बनाई थी। वह जिस भी किरदार को निभाते थे, उसमें अपनी अलग छाप छोड़ देते थे।

हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि नाना उनके अभिनय के प्रशंसक थे। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने खुद कभी यह बात कही थी कि क्लासिक सिनेमा की अभिनेत्रियों में वह हेमा मालिनी को अपनी पसंदीदा अभिनेत्री मानते थे। ऐसे में दोनों के बीच फिल्मों में साथ काम न करने के बावजूद एक आपसी सम्मान का रिश्ता था।

नाना के निधन के बाद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि फिल्म इंडस्ट्री ने एक आइकन खो दिया है। उन्होंने नाना को उनकी अनोखी अभिनय प्रतिभा के लिए याद किया और कहा कि उन्हें अभिनय कला की पूरी संस्था के रूप में सम्मान मिला।

हिंदी और मराठी सिनेमा में छोड़ी अमिट छाप

हेमा मालिनी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में नाना पाटेकर के हिंदी और मराठी सिनेमा में योगदान को भी याद किया। उनका कहना था कि नाना ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। उनकी फिल्मों में उनके अभिनय के कई अलग-अलग रंग देखने को मिले।

नाना पाटेकर ने अपने करियर में अभिनेता के साथ-साथ निर्देशक के तौर पर भी काम किया। ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ जैसी फिल्म के जरिए उन्होंने निर्देशन में भी अपनी पहचान बनाई। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार दर्शकों के बीच यादगार रहे।

हेमा मालिनी ने कहा कि उन्होंने नाना की फिल्मों को हमेशा पसंद किया और उनके किरदार निभाने के अनोखे तरीके की प्रशंसा की। उनके मुताबिक नाना ने फिल्मों के जरिए अभिनय की ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

सिर्फ अभिनय नहीं, सामाजिक काम के लिए भी याद किए

हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने नाम फाउंडेशन के जरिए किसानों और जरूरतमंद लोगों के लिए किए गए उनके काम का जिक्र किया।

नाना पाटेकर और उनके सहयोगी मकरंद अनासपुरे ने नाम फाउंडेशन के माध्यम से महाराष्ट्र के किसानों और ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए कई काम किए। किसानों की समस्याओं और ग्रामीण समुदायों की मदद को लेकर नाना लगातार सक्रिय रहे।

हेमा मालिनी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि नाना का योगदान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों के लिए भी लगातार काम किया। यही वजह है कि उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी एक बड़ी कमी महसूस होगी।

75 साल की उम्र में हुआ निधन

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में हुआ। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्हें गोवा स्थित अपने घर में कार्डियक अरेस्ट आया और सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।

उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों, निर्देशकों और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को लेकर उनकी इच्छा का भी सम्मान किया गया।

पुणे के फार्महाउस में हुआ अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार को पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और ‘नाना अमर रहे’ के नारे भी लगाए गए।

बताया गया कि नाना की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार उनके फार्महाउस में किया जाए। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां भी पहुंचीं। जैकी श्रॉफ, साजिद नाडियाडवाला और अनिल शर्मा समेत कई लोगों ने अंतिम विदाई दी। राजनीतिक जगत से भी कई लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

नाना पाटेकर के निधन के बाद हेमा मालिनी की वह बात भी भावुक कर देने वाली है कि करीब एक सप्ताह पहले उनका फोन आया था, लेकिन यात्रा में होने के कारण वह उसे उठा नहीं पाईं। शायद उन्हें उस समय यह अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि वह नाना पाटेकर की आखिरी कॉल में से एक हो सकती है।

एक अभिनेता के तौर पर नाना पाटेकर ने जो पहचान बनाई, वह उनकी फिल्मों से आगे जाती है। उनके अभिनय, सामाजिक सरोकार और अपने काम के प्रति समर्पण ने उन्हें भारतीय सिनेमा की उन शख्सियतों में शामिल कर दिया, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद करेंगी। हेमा मालिनी के शब्दों में कहें तो नाना सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की एक पूरी संस्था थे।