Rajpal Yadav New Film: अभिनेता राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान अपनी अगली फिल्म के नाम का खुलासा किया है। उनकी इस फिल्म का नाम ‘सोलह सावन झेल के’ होगा। राजपाल यादव के मुताबिक यह फिल्म साल 2010 से 2026 के बीच उनके जीवन में आए कानूनी और आर्थिक उतार-चढ़ाव से प्रेरित होगी। खास बात यह है कि फिल्म के नाम का जिक्र सुप्रीम कोर्ट में उस समय हुआ, जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अभिनेता से हल्के-फुल्के अंदाज में नई फिल्म बनाने और दर्शकों का मनोरंजन करने की बात कही।
राजपाल यादव बुधवार, 7 अक्टूबर को अपने लंबे समय से चले आ रहे चेक बाउंस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे। सुनवाई के दौरान बातचीत का माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया। मुख्य न्यायाधीश ने अभिनेता से उनके काम और नई फिल्म को लेकर सवाल किया। इसी बातचीत में राजपाल यादव ने अपने करियर, आर्थिक नुकसान और पिछले कई वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद का जिक्र किया।
CJI ने पूछा- कुछ नया बना रहे हैं?
Bar and Bench की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से पूछा, “कुछ नया बना रहे हो नहीं?” इसके जवाब में राजपाल यादव ने अपने फिल्मी करियर और पिछले वर्षों में हुए आर्थिक नुकसान की बात रखी।
अभिनेता ने कहा कि उन्होंने करीब 200 से 250 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपने पिछले कुछ वर्षों के आर्थिक नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेला है। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का भी जिक्र किया और कहा कि इस फिल्म में उनके 17 करोड़ रुपये डूब गए।
राजपाल यादव ने इस पूरे मामले को मजाकिया लेकिन दर्द भरे अंदाज में ‘Merchant of Venice वाला केस’ बताया। उन्होंने कहा कि मामला भले ही 5 करोड़ रुपये से जुड़ा था, लेकिन उनके मुताबिक इस विवाद ने उन्हें बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
‘5 करोड़ ने मेरे 17 करोड़ मिट्टी में मिला दिए’
राजपाल यादव ने कोर्ट में कहा कि 5 करोड़ रुपये के मामले का असर उनके लिए बहुत बड़ा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके 17 करोड़ रुपये भी बर्बाद हो गए और वह लंबे समय तक पैसा नहीं कमा सके।
अभिनेता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कुल नुकसान करीब 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उनके मुताबिक, “5 करोड़ ने मेरे 17 करोड़ को 2013 से मिट्टी में मिला दिया और एक रुपया नहीं कमाने दिया।”
राजपाल यादव के इस बयान से यह साफ हुआ कि वह इस कानूनी विवाद को केवल एक अदालत के मामले के तौर पर नहीं देखते, बल्कि इसे अपने करियर और आर्थिक स्थिति पर पड़े बड़े प्रभाव के रूप में देखते हैं।
CJI ने कहा- अच्छी फिल्म बनाकर लोगों को एंटरटेन करो
सुनवाई के दौरान बातचीत का माहौल तब और हल्का हो गया, जब CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से कहा कि वह एक अच्छी फिल्म बनाकर लोगों का मनोरंजन करें।
CJI की इस बात के जवाब में राजपाल यादव ने अपनी अगली फिल्म का नाम ही बता दिया। उन्होंने कहा कि साल 2010 से 2026 तक उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिल्म का नाम ‘सोलह सावन झेल के’ सोचा है।
यह नाम उनके पिछले करीब 16 वर्षों के संघर्ष की ओर इशारा करता है। ‘सोलह सावन झेल के’ का सामान्य अर्थ लगभग 16 सावन झेलने से है। राजपाल यादव ने इस नाम के जरिए लंबे समय तक चले कानूनी और आर्थिक संघर्ष को फिल्म की कहानी से जोड़ने का संकेत दिया है।
हालांकि, फिल्म की कहानी, कलाकारों और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना जरूर पता चला है कि फिल्म का विषय राजपाल यादव के जीवन में आए लंबे कानूनी संघर्ष से प्रेरित होगा।
क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला?
राजपाल यादव का यह बयान जिस सुनवाई के दौरान आया, वह उनके पुराने चेक बाउंस विवाद से जुड़ी है। यह मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा हुआ है।
इस मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी, जब फिल्म से संबंधित वित्तीय जरूरतों के लिए राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने कथित तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस कर्ज के बदले सुरक्षा के तौर पर कई चेक दिए गए थे। बाद में इन चेक को लेकर विवाद खड़ा हुआ और चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
राजपाल यादव का कहना रहा है कि पुराने सुरक्षा चेक वापस नहीं किए गए और बाद में उनका इस्तेमाल किया गया। इस मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और उन्हें निचली अदालत से सजा भी हुई।
‘अता पता लापता’ का भी किया जिक्र
सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज करने की योजना थी। उनके मुताबिक फिल्म करीब 1,200 सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवाद और परिस्थितियों के कारण वह एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो सकी।
अभिनेता ने यह भी दावा किया कि इस पूरे विवाद का उनके पेशेवर जीवन और छवि पर असर पड़ा। फिल्म में लगाया गया पैसा डूबने के साथ-साथ लंबे कानूनी विवाद ने उनकी आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित किया।
इसी अनुभव को अब राजपाल यादव अपनी अगली फिल्म की कहानी का हिस्सा बनाने की तैयारी में हैं।
16 साल की कहानी को फिल्म में बदलेंगे राजपाल?
‘सोलह सावन झेल के’ नाम सामने आने के बाद सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात को लेकर है कि राजपाल यादव अपने जीवन के इस लंबे संघर्ष को पर्दे पर किस तरह पेश करेंगे। साल 2010 से 2026 तक के दौर में उनके जीवन में कानूनी मामलों, आर्थिक नुकसान और करियर से जुड़ी कई मुश्किलें आईं।
अब अगर उनकी अगली फिल्म वास्तव में इन्हीं घटनाओं से प्रेरित होती है, तो यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अपने संघर्ष को कहानी के जरिए सामने रखने का माध्यम भी हो सकती है।
फिलहाल फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट या स्टारकास्ट की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में एक साधारण सवाल के जवाब में राजपाल यादव द्वारा अपनी अगली फिल्म के नाम का खुलासा किया जाना चर्चा का विषय बन गया है।
एक तरफ अदालत में अभिनेता अपने पुराने कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उसी सुनवाई के दौरान उन्होंने अपने संघर्ष को फिल्मी कहानी में बदलने का संकेत दिया। ऐसे में अब दर्शकों की नजर इस बात पर होगी कि ‘सोलह सावन झेल के’ कब शुरू होती है और राजपाल यादव अपनी 16 साल की इस कहानी को पर्दे पर किस अंदाज में पेश करते हैं।