Drishyam 3 Box Office Collection: देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है, लेकिन जिस तरह की ओपनिंग की उम्मीद फिल्म से की जा रही थी, शुरुआती बॉक्स ऑफिस तस्वीर उस उत्साह पर सवाल खड़े करती है। एडवांस बुकिंग और फ्रैंचाइजी की लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म से बहुत बड़ी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन फिल्म को लेकर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं और शुरुआती अनुमान यह संकेत दे रहे हैं कि तीसरे पार्ट का असर पिछली फिल्मों जैसा मजबूत नहीं है।
रिलीज से पहले ट्रेड में फिल्म के पहले दिन करीब 60 से 70 करोड़ रुपये कमाने का अनुमान लगाया जा रहा था। यह आंकड़ा अंतिम कलेक्शन नहीं, बल्कि शुरुआती अनुमान है। रात के शो में दर्शकों की संख्या बढ़ने पर इसमें बदलाव संभव है। इसके बावजूद सवाल यह है कि क्या ‘दृश्यम 3’ अपने नाम और फ्रैंचाइजी की लोकप्रियता के मुताबिक वैसा बॉक्स ऑफिस धमाका कर पाएगी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
पिछली ‘दृश्यम’ ज्यादा असरदार थी?
‘दृश्यम’ फ्रैंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उसकी कहानी, सस्पेंस और विजय सलगांवकर का किरदार रहा है। पहली फिल्म जब 2015 में आई थी, तब दर्शकों को इसकी कहानी और क्लाइमैक्स ने काफी प्रभावित किया था। फिल्म ने भारत में अपने पूरे सफर में करीब 67.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था।
अब दिलचस्प बात यह है कि तीसरे पार्ट से पहले दिन ही इस आंकड़े के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन सिर्फ कमाई की तुलना करना पर्याप्त नहीं है। पिछली फिल्म के मुकाबले दर्शकों के बीच कहानी को लेकर वह उत्सुकता और आश्चर्य पैदा करना तीसरे पार्ट के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
पहली ‘दृश्यम’ में दर्शक विजय के साथ एक ऐसे खेल का हिस्सा बनते हैं, जहां हर छोटी चीज मायने रखती है। तारीखें, फिल्म, पुलिस से बचने की योजना और परिवार को बचाने की कोशिश—इन सबने फिल्म को अलग पहचान दी थी। दूसरी फिल्म ने भी उसी तनाव को आगे बढ़ाया। लेकिन तीसरे पार्ट में दर्शकों के एक वर्ग को वही ताजगी और रोमांच कम महसूस हो रहा है।
‘दृश्यम 2’ से कितनी आगे निकली फिल्म?
2022 में रिलीज हुई ‘दृश्यम 2’ ने पहले दिन भारत में करीब 15.38 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की थी। उसके बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लंबी पारी खेली और फ्रैंचाइजी की लोकप्रियता को और मजबूत किया।
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का शुरुआती अनुमान निश्चित तौर पर दूसरे पार्ट से काफी बड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि फिल्म का प्रभाव भी उतना ही बड़ा है। तीसरे पार्ट के सामने उम्मीदें कहीं ज्यादा हैं, क्योंकि यह कहानी का अंतिम हिंदी अध्याय बताया जा रहा है।
यही वजह है कि 60-70 करोड़ की अनुमानित ओपनिंग भी अपने आप में पर्याप्त सवालों को खत्म नहीं करती। इतनी बड़ी फ्रैंचाइजी, अजय देवगन की मौजूदगी और 2 अक्टूबर की छुट्टी जैसे फैक्टर फिल्म के पक्ष में थे। ऐसे में दर्शकों और ट्रेड की नजर सिर्फ एक बड़े आंकड़े पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी रहेगी कि फिल्म अगले दिनों में कितनी मजबूती दिखाती है।
एडवांस बुकिंग ने बढ़ाई थी उम्मीद
फिल्म की रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग ने उम्मीदें काफी बढ़ा दी थीं। टिकटों की बिक्री और शुरुआती बुकिंग को देखकर माना जा रहा था कि ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत कर सकती है। 2 अक्टूबर की गांधी जयंती की छुट्टी ने भी फिल्म को अतिरिक्त फायदा दिया।
लेकिन एडवांस बुकिंग और वास्तविक दर्शक प्रतिक्रिया में अंतर हो सकता है। यही वजह है कि अब फिल्म के लिए असली परीक्षा रिलीज के बाद शुरू हुई है।
अगर रात के शो में ऑक्यूपेंसी बढ़ती है तो शुरुआती अनुमान ऊपर जा सकता है। वहीं अगर वीकेंड के बाद दर्शकों की संख्या तेजी से गिरती है तो फिल्म के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है।
कहानी में सस्पेंस है, लेकिन पुरानी बात नहीं
‘दृश्यम’ की पहचान उसके सस्पेंस से रही है। विजय सलगांवकर का किरदार हर बार पुलिस और सिस्टम से एक कदम आगे निकलने की कोशिश करता है। तीसरे पार्ट में भी यही आधार मौजूद है।
अजय देवगन एक बार फिर विजय के किरदार में हैं। तब्बू, श्रिया सरन और दूसरे पुराने कलाकारों की वापसी के साथ जयदीप अहलावत जैसे कलाकार भी कहानी में नया तनाव जोड़ते हैं।
जयदीप अहलावत के प्रदर्शन की कई समीक्षाओं में तारीफ हुई है और फिल्म में उनके किरदार तथा अजय देवगन के बीच टकराव को महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन कुछ समीक्षाओं में क्लाइमैक्स को लेकर उतना उत्साह नहीं दिखा, जितनी उम्मीद इस फ्रैंचाइजी के अंतिम अध्याय से थी।
यही फिल्म की सबसे बड़ी समस्या बनती दिखाई देती है। ‘दृश्यम’ जैसी फ्रैंचाइजी से दर्शक सिर्फ एक और क्राइम थ्रिलर देखने नहीं आते। वे उस पुराने रोमांच की तलाश में आते हैं, जिसने पहले दोनों हिस्सों को खास बनाया था।
रिव्यू भी पूरी तरह एकमत नहीं
फिल्म को लेकर समीक्षकों की राय भी एक जैसी नहीं है। कुछ समीक्षाओं में इसे मनोरंजक और ट्विस्ट से भरपूर बताया गया है, जबकि कुछ ने माना कि फिल्म पिछली फिल्मों के स्तर तक नहीं पहुंच पाती। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे 3.5/5 की रेटिंग दी, जबकि हिंदुस्तान टाइम्स ने 3/5 दिया। इंडिया टुडे ने फिल्म को अच्छा थ्रिलर माना, लेकिन इसके फिनाले को उम्मीद के मुताबिक प्रभावशाली नहीं बताया।
इससे साफ है कि फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में एक जैसी राय नहीं है। कुछ लोगों के लिए इसके ट्विस्ट और कलाकार काम कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों को पिछली फिल्मों वाली पकड़ की कमी महसूस हो सकती है।
क्या ‘दृश्यम 3’ पिछली फिल्मों की बराबरी कर पाएगी?
यही सबसे बड़ा सवाल है। पहली ‘दृश्यम’ ने अपनी कहानी और सस्पेंस से दर्शकों को चौंकाया था। ‘दृश्यम 2’ ने उस कहानी को आगे बढ़ाते हुए फ्रैंचाइजी की लोकप्रियता बनाए रखी। तीसरे पार्ट पर सबसे ज्यादा दबाव इसलिए है क्योंकि इसे इस कहानी का निष्कर्ष माना जा रहा है।
शुरुआती बॉक्स ऑफिस अनुमान भले ही 60-70 करोड़ रुपये की तरफ इशारा कर रहे हों, लेकिन सिर्फ पहले दिन की कमाई से फिल्म की सफलता तय नहीं होगी। असली तस्वीर वीकेंड और आने वाले दिनों के कलेक्शन से सामने आएगी।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ से उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं और फिल्म को उन्हीं उम्मीदों के पैमाने पर देखा जा रहा है। पिछली दोनों फिल्मों ने जिस तरह का सस्पेंस और भावनात्मक जुड़ाव बनाया था, तीसरे पार्ट के लिए उस स्तर को दोहराना आसान नहीं रहा।
विजय सलगांवकर की कहानी का अंत बड़े पर्दे पर जरूर हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अंत दर्शकों को उतना ही संतुष्ट कर पाएगा, जितना पहली दो फिल्मों ने किया था। शुरुआती संकेतों को देखते हुए, पिछली ‘दृश्यम’ फिल्मों की तुलना में तीसरे पार्ट का असर कुछ कम महसूस हो रहा है।