Kangana Ranaut: राजीव मसंद की कंगना रनौत पर टिप्पणी, बोले- ‘मुझे उस अभिनेत्री की याद आती है जो वह कभी थीं’

Rajeev Masand On Kangana Ranaut Rajeev Masand On Kangana Ranaut

Rajeev Masand On Kangana Ranaut: फिल्म समीक्षक और अब प्रतिभा प्रबंधन से जुड़े राजीव मसंद ने अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को लेकर की गई अपनी हालिया टिप्पणी से चर्चा छेड़ दी है। ‘साइरस सेज़’ पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान मसंद ने कहा कि उन्हें कंगना की वह अभिनेत्री याद आती हैं, जिन्हें वह उनके अभिनय के दौर में देखते थे। उन्होंने कंगना के मौजूदा सार्वजनिक व्यक्तित्व पर भी टिप्पणी की।

‘मुझे कंगना अभिनेत्री के रूप में याद आती हैं’

राजीव मसंद ने पॉडकास्ट में कंगना के अभिनय करियर पर बात करते हुए कहा कि उन्हें कंगना की अभिनेत्री वाली पहचान याद आती है। उन्होंने उनके मौजूदा सार्वजनिक व्यक्तित्व को लेकर तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि आज कंगना को लेकर उनकी धारणा पहले जैसी नहीं रही।

मसंद ने यह भी कहा कि कंगना की सार्वजनिक भूमिका और उनके अभिनय करियर के बीच अंतर दिखाई देता है। कंगना 2024 में हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर सांसद बनी थीं।

‘क्वीन’ में कंगना के अभिनय की तारीफ

हालांकि, राजीव मसंद ने बातचीत के दौरान कंगना के अभिनय की तारीफ भी की। उन्होंने 2014 में आई विकास बहल की फिल्म ‘क्वीन’ में उनके प्रदर्शन को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि जब कंगना किसी अच्छी कहानी वाली फिल्म का हिस्सा बनती थीं, तब उनका अभिनय बेहद प्रभावशाली नजर आता था।

मसंद के मुताबिक, कंगना की खासियत यह रही है कि वह कई फिल्मों में अपने किरदार में इस तरह ढल जाती थीं कि दर्शकों को अभिनेत्री के बजाय सिर्फ किरदार नजर आता था। उन्होंने कंगना और आलिया भट्ट को हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शामिल करते हुए उनकी अभिनय क्षमता की तुलना भी की।

‘कहानी अच्छी हो तो कंगना बेहतरीन होती हैं’

मसंद ने कहा कि जब कंगना ने सिर्फ इसलिए फिल्म चुनी क्योंकि कहानी मजबूत थी, तब उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि बाद के दौर में उनकी फिल्मों और सार्वजनिक छवि के बीच अंतर कम होता दिखाई दिया।

उन्होंने कंगना की फिल्म ‘क्वीन’ के निर्देशक विकास बहल के साथ दोबारा काम करने की खबरों पर भी उत्सुकता जाहिर की। पॉडकास्ट बातचीत में यह विचार भी सामने आया कि अगर कंगना राजनीति से दूरी बनाती हैं, तो शायद वह फिर से अपने अभिनय पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

कंगना और राजीव मसंद के बीच पुराना विवाद

कंगना रनौत और राजीव मसंद के बीच मतभेद कोई नया विषय नहीं है। दोनों के बीच विवाद उस समय सार्वजनिक रूप से सामने आया था, जब कंगना ने उन्हें अभिनेत्रियों की एक वार्षिक गोलमेज चर्चा में आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाया था।

कंगना ने उस समय मसंद की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे और फिल्म निर्माता करण जौहर के साथ उनके संबंधों का जिक्र किया था। कंगना लंबे समय से हिंदी फिल्म उद्योग में भाई-भतीजावाद और बाहरी कलाकारों के साथ कथित भेदभाव के मुद्दे उठाती रही हैं। 2017 में उन्होंने करण जौहर को ‘नेपोटिज्म’ का प्रमुख चेहरा बताया था।

ब्लाइंड आइटम को लेकर भी कंगना ने लगाए थे आरोप

कंगना ने 2020 में राजीव मसंद पर कथित ‘ब्लाइंड आइटम’ को लेकर भी सार्वजनिक आरोप लगाए थे। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना ने कई ऐसे लेखों का जिक्र किया था, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि मीडिया में सुशांत और दूसरे कलाकारों को लेकर आपत्तिजनक या अपमानजनक सामग्री प्रकाशित की गई। उन्होंने मसंद का नाम लेते हुए भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे। ये कंगना के उस समय के सार्वजनिक आरोप थे। बाद में मसंद के करण जौहर से जुड़े धर्मा कोलैब आर्टिस्ट्स एजेंसी से जुड़ने के बाद दोनों के बीच पुराना विवाद फिर चर्चा में आया था।

राजनीति के बाद बदली सार्वजनिक छवि पर चर्चा

कंगना के मामले में उनके अभिनय करियर के साथ उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक भूमिका भी चर्चा का हिस्सा रही है। 2024 में मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह संसद पहुंचीं। इसके बाद उनके सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी खबरें आती रही हैं।

राजीव मसंद की ताजा टिप्पणी इसी बदलाव को लेकर उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में सामने आई है। वहीं कंगना की फिल्मी यात्रा में ‘क्वीन’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘मणिकर्णिका’ और ‘पंगा’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की चर्चा होती रही है।

इस पूरे मामले में मसंद की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय है, जबकि कंगना और उनके बीच पुराने मतभेद पहले से सार्वजनिक रहे हैं। फिलहाल मसंद की इस टिप्पणी पर कंगना की ओर से कोई ताजा प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।