एक दशक से कानून को चकमा देकर फरार चल रहे आरोपी जगीर सिंह उर्फ बाज सरन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला यह आरोपी 2015 के एक बड़े नशा तस्करी मामले में संलिप्त था, जिसमें 36 किलो अफीम बरामद की गई थी। 2016 से ही यह कानून की पकड़ से दूर था, लेकिन बीते बुधवार को एनसीबी ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के समय तक जगीर सिंह ने अपनी पहचान पूरी तरह से बदल ली थी। अब वह लोगों के बीच एक उभरते पंजाबी गायक ‘बाज सरन’ के नाम से जाना जा रहा था। सोशल मीडिया पर उसके लाखों फॉलोवर्स थे और उसने अपने नाम से कई गाने भी लॉन्च किए थे। हैरानी की बात यह है कि जब पुलिस उसे ढूंढने में लगी थी, वह अपने वीडियो और म्यूजिक एल्बम से मशहूर हो रहा था।
सोशल मीडिया बना छुपने का हथियार
जगीर सिंह ने फरारी के दौरान सोशल मीडिया का भरपूर फायदा उठाया। उसने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ‘बाज सरन’ के नाम से एक नई पहचान बनाई और उसी नाम से गाने अपलोड किए। उसके इंस्टाग्राम पर 36 हज़ार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। हाल ही में भी उसके अकाउंट पर एक नया वीडियो पोस्ट किया गया था। यह उसके दोहरे जीवन की एक मिसाल है, जिसमें वह एक ओर कानून से बच रहा था और दूसरी ओर शोहरत बटोर रहा था।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से भी रहा जुड़ाव
जगीर सिंह ने फरारी के दौरान न केवल गाने बनाए, बल्कि एक प्रसिद्ध पंजाबी महिला गायिका के साथ म्यूजिक वीडियो भी शूट किए। उसकी यह लोकप्रियता ही शायद उसकी गिरफ्तारी में देरी का कारण बनी। पर कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, और आखिरकार सच सामने आ ही जाता है।
इनाम की घोषणा बनी सुराग की वजह
NCB ने मई 2025 में आरोपी की तस्वीरें सार्वजनिक की थीं और उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया था। इसी के बाद एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जो आरोपी तक पहुंचने में सहायक सिद्ध हुए। चंडीगढ़ यूनिट की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 6 अगस्त को उसे गिरफ्तार किया।
ड्रग नेटवर्क पर गिरी बड़ी चोट
अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई और रहस्य उजागर हो सकते हैं। जगीर सिंह की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि चाहे कोई कितनी भी पहचान बदल ले, कानून के शिकंजे से ज्यादा दिन बचना संभव नहीं है।
यह मामला सिर्फ एक अपराधी की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सोशल मीडिया की आड़ में अपराधी नई पहचान बना लेते हैं। अब NCB को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलेगी