pragmatic play

दिग्गज अभिनेता-निर्माता धीरज कुमार की प्रार्थना सभा, बॉलीवुड सितारों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

Dheeraj Kumar Prayer Meet Dheeraj Kumar Prayer Meet

हिंदी सिनेमा के अनुभवी अभिनेता, निर्माता और टेलीविजन के जाने-माने चेहरे धीरज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार और मित्रगणों में शोक की लहर है, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री भी इस अपूरणीय क्षति से आहत है। हाल ही में मुंबई में उनके लिए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जहां सिनेमा और टेलीविजन की दुनिया से जुड़ी कई मशहूर हस्तियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

हेमा मालिनी-पूनम ढिल्लन ने दी श्रद्धांजलि

इस शोकसभा में हेमा मालिनी, जैकी श्रॉफ, पूनम ढिल्लन, ईशा सिंह, मुनमुन दत्ता, सिद्धार्थ रॉय कपूर और जसवीर कौर जैसे कई नामचीन कलाकार और निर्माता-निर्देशक शामिल हुए। सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

शोकसभा का माहौल बेहद शांत, भावुक और श्रद्धापूर्ण रहा। हर किसी की आंखों में अपने प्रिय सहकर्मी, मार्गदर्शक और दोस्त को खोने का दर्द साफ नजर आ रहा था। कुछ कलाकारों ने उनकी याद में पुराने दिनों की बातें भी साझा कीं, जिनमें धीरज कुमार की मेहनत, संयम और सरलता की खूब चर्चा हुई।

धीरज कुमार का करियर

धीरज कुमार का फिल्मी करियर 1970 के दशक में शुरू हुआ था, जहां उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। बाद में उन्होंने खुद को एक सफल निर्माता-निर्देशक के रूप में भी स्थापित किया। खासकर टेलीविजन जगत में उनका योगदान बेहद अहम रहा है। उन्होंने कई लोकप्रिय धार्मिक और पारिवारिक धारावाहिकों का निर्माण किया, जो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए।

उनके द्वारा निर्मित “ओम् नमः शिवाय”, “साईं बाबा”, और “दीवानियां” जैसे सीरियल्स ने भारतीय टेलीविजन को एक नया आयाम दिया। उनकी रचनात्मक सोच, संस्कारिक दृष्टिकोण और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता ने उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई।

जैकी श्रॉफ भी पहुंचे प्रेयर मीट में

धीरज कुमार के करीबी रहे कलाकारों का कहना है कि वे एक सच्चे मार्गदर्शक और बेहद अनुशासित व्यक्ति थे। वे हमेशा नए कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका देते थे और अपने अनुभव से सभी को कुछ न कुछ सिखाने की कोशिश करते थे।

प्रार्थना सभा में पहुंचे जैकी श्रॉफ ने कहा, “धीरज जी सिर्फ एक अच्छे कलाकार ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थे। उनका जाना व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से बड़ी क्षति है।” वहीं, हेमा मालिनी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

धीरज कुमार भले ही इस दुनिया से विदा हो गए हों, लेकिन उनका काम, उनकी सोच और उनके द्वारा दी गई सीख हमेशा इंडस्ट्री के लोगों और उनके चाहने वालों के साथ जीवित रहेगी।

pragmatic play