स्टंट सीन बन गया जानलेवा, स्टंटमैन एसएम राजू की मौत के बाद डायरेक्टर ने तोड़ी चुप्पी

SM Raju SM Raju

तमिल फिल्म इंडस्ट्री इस समय एक गहरे शोक से गुजर रही है। अनुभवी स्टंटमैन एसएम राजू उर्फ मोहन राज की अचानक मौत ने पूरी इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। फिल्म ‘वेट्टुवम’ की शूटिंग के दौरान हुआ यह हादसा फिल्मी दुनिया के उस अंधेरे कोने को उजागर करता है, जहां कलाकारों की जान जोखिम में डालकर सीन फिल्माए जाते हैं। इस दर्दनाक घटना ने सेट पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिल्म के सेट पर गई जान
13 जुलाई को नागपट्टिनम ज़िले में चल रही शूटिंग के दौरान मोहन राज एक हाई रिस्क स्टंट कर रहे थे। लेकिन नियोजित सावधानियों और तैयारियों के बावजूद एक चूक जानलेवा साबित हुई। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरी फिल्म यूनिट शोक में डूब गई।

हादसे के बाद केस हुआ दर्ज
हादसे के बाद स्थानीय पुलिस ने फिल्म के निर्देशक पा. रणजीत, स्टंट डायरेक्टर दिलीप सुब्बारायन और अन्य तीन सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आईपीसी की धारा 106(1), 125 और 289 के तहत इन पर लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान सुरक्षा में चूक से जान चली गई हो, लेकिन यह घटना एक बार फिर से इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा रही है।

डायरेक्टर ने तोड़ी चुप्पी
इस दर्दनाक खबर के बाद डायरेक्टर पा. रणजीत ने सोशल मीडिया पर चुप्पी तोड़ते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि शूटिंग की शुरुआत पूरी सावधानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ की गई थी। टीम ने अनुभवी स्टंट डायरेक्टर की निगरानी में हर आवश्यक कदम उठाए थे। फिर भी मोहन राज को खो देना उनके लिए एक गहरा व्यक्तिगत नुकसान है।

फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने भी एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें मोहन राज को श्रद्धांजलि दी गई है। उन्होंने उन्हें एक समर्पित स्टंटमैन, भरोसेमंद सहकर्मी और नेक इंसान बताया है। बयान में यह भी साफ किया गया कि मोहन राज वर्षों से इंडस्ट्री में काम कर रहे थे और उनकी कुशलता पर किसी को संदेह नहीं था।

स्टंट सीन के दौरान सुरक्षा के नियम
इस घटना से साफ है कि भारतीय फिल्म उद्योग को सेट्स पर स्टंट सीन के दौरान सुरक्षा के उच्चतम मानकों को अपनाने की सख्त जरूरत है। केवल हेलमेट या सेफ्टी केबल्स लगाना पर्याप्त नहीं होता, जब तक कि हर छोटे-छोटे जोखिम का मूल्यांकन और नियंत्रण न किया जाए।

एसएम राजू की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। एक ऐसी चेतावनी जो कहती है कि मनोरंजन की दुनिया के पर्दे के पीछे कितनी असुरक्षा और जोखिम छुपा हुआ है। अब वक्त आ गया है कि इंडस्ट्री इस पर गंभीर मंथन करे और बदलाव की शुरुआत हो।